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काम तु ऐसा कर (पाॉट 2)


न जाने हजारो बाते उठेगी,
तु होकर सबसे बेखबर।। 
ज्ञान हो  पहचान तेरी..
काम तु ऐसा कर।।

चाहे कितनी आए कठिनाई, 
करदे पार सबको तु होकर निदर।। 
ज्ञान से हो पहचान तेरी..
काम तु ऐसा कर।।
 

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